यह कविता लिखने का समय नहीं
प्रो. चन्द्रदेव यादव मज़दूर दिवस पर अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फ्रैंक स्नोडेन के शोध निष्कर्ष को कोविड-19 भूमंडलीकरण की पहली महामारी है शीर्षक समाचार के अन्तर्गत मुंबई के हिन्दुस्तान टाइम्स ने प्रकाशित किया है । इसके लेखक हैं रुद्रनीलसेन गुप्ता । उसके प्रमुख बिन्दु हैं— 1.औद्योगिक समाज के अभ्युदय के बाद हर नये मोड़ पर एक महामारी सामने आई । सबसे पहले औद्योगिक क्रांति के बाद इंग्लैंड में तपेदिक की महामारी शुरू हुई जिसे पहले राजरोग कहा जाता था ग़रीबी और गंदगी से उसका संबंध 19वीं सदी में जुड़ा । फिर प्लेग, कैंसर और एड्स जैसी बीमारियाँ आईं l ये सभी महामारियाँ अधिकांशत: पिछड़े समाजों और निर्धनों में फैलीं । अब भूमंडलीकरण के दौर में यह कोरोना महामारी फैली है । 2. यह पहली महामारी है जो संपन्न लोगों के बीच से आई और वहाँ से नीचे फैली । अब यह गरीबों और श्रमिकों के लिए काल बन गई है । गाँव तब तक इससे अछूते रहे जब तक संक्रमित लोगों को वहाँ नहीं पहुँचाया गया । लेकिन गाँवों में इसका प्रसार अब भी कम है ...